😁व्हाट्सअप बजमारौ…..😁

तेजवीर सिंह

रचनाकार- तेजवीर सिंह "तेज"

विधा- घनाक्षरी

😁😁 📲 व्हाट्सअप😁😁

व्हाट्सप बजमारौ
खाय रह्यौ खून मेरौ
पढें नाय छोरा-छोरी
कह रई मइया।

खुद रात बारै बजे
भावना की गंग बीच
गोतन लगाती भई
दिख रई दइया।

प्रातः शाम आठोंयाम
चाहे करै कछु काम
भजि-भजि आय देखै
बजै जु पपइया।

बिगरी है पीढ़ी *तेज*
त्याग दई लाज शर्म
बेहूदे निगोरौ फ़ौन
गीत गावै भइया।

😁😁😁😁😁😁😁😁😁😁
🙏तेज 🙏

Sponsored
Views 4
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
तेजवीर सिंह
Posts 86
Total Views 1.2k
नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा जीविकोपार्जन हेतु अध्यापन कार्य।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia