💜 मुहब्बत से पहले 💜

Govind Kurmi

रचनाकार- Govind Kurmi

विधा- शेर

रंज ओ गम थे
💐🥀🌺🌹🌷फिरभी कम थे
अकेले तन्हा
🌷🌹🌺🥀💐जब अधूरे हम थे

💝💖💗💓💞💕❤❣💔🖤

बस एक डर था
🌷🌹🌺🥀💐 दिल बेअसर था
क्यों कोई भाये ना
💐🥀🌺🌹🌷 यह बेखबर था

💝💖💗💓💞💕❤❣💔🖤

नींदें भी आती थी
🌷🌹🌺💐🥀रातें भी गाती थी
वो भी क्या बातें बस
.🥀💐🌺🌹🌷 मुस्कुराहट लाती थी

💝💖💓💗💞💕❤❣💔🖤

मासूम जमाना था
💐🌹🌺🥀🌷 मंदिर ही ठिकाना था
ना ही कहीं चर्चे
💐🌹🌺🥀🌷ना कोई फसाना था

💝💖💓💞💗💕❤❣💔🖤

दिल के कई अरमान थे
💐🌷💞🌺🌹🥀 उड़ते फिरते तूफान थे
इश्क रोग से पहले हम
🥀🌹🌺🌷💐 बजरंग दल की शान थे

💝💖💗💓💞💕❤❣💔🖤

खुद से ही बगावत थी
🌷💐🌺🥀🌹जब हुई मुहब्बत थी
बस एक इश्क के बाद
🌹🥀🌺💐🌷आंसुओं की कयामत थी

💝💖💗💓💕❤💞❣💔🖤

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Govind Kurmi
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गौर के शहर में खबर बन गया हूँ । १लड़की के प्यार में शायर बन गया हूँ ।

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