💈होली के रंग हो🎖

मानक लाल*मनु*

रचनाकार- मानक लाल*मनु*

विधा- कविता

आज से शुरू हो रहे रंगों के पर्व होली व् अंतिम रंगीन पर्व रँगपंचमी की शुभ कामनाओं के साथ आप सभी की नजर चन्द पंक्तिया,,,,
💈होली के रंग हो🎖
रंगों की तरंग हो,,,
हम आप संग हो,,,

गम हो जाये जुदा।।
खुशियों की उमंग हो,,,

खत्म हो दिलो की दूरियां।।
नजदीकियां दबंग हो,,,

नशा हो नैनो का तेरे।।
भले ही न भंग हो,,,

रंगत हो जिंदगी में तेरी।।
जीवन की बेरंगी से जंग हो,,,

रंगीनियां रंगों की मुबारक।।
मनु की कि कोई न तंग हो,,,
मानक लाल मनु,,,,,
सरस्वती साहित्य परिषद,,,,

Views 28
Sponsored
Author
मानक लाल*मनु*
Posts 41
Total Views 703
सरस्वती साहित्य परिशद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia