👉 कलियुगी मित्र🙏

तेजवीर सिंह

रचनाकार- तेजवीर सिंह "तेज"

विधा- कुण्डलिया

🌹🌻 *मित्रता दिवस* 🌻🌹
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कैसे-कैसे तीर ये, करते चहुँदिश वार।
आज मित्रता हो गई,मतलब का व्यापार।।

मतलब का व्यापार, सभी हित साधें अपना।
नीति न्याय अपनत्व, लगे सुंदर सा सपना।
फिर कें मिलै न फेर, दिए यदि तुमने पैसे।
करें पीठ पै वार, मित्र हैं कैसे-कैसे।।

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🙏तेज मथुरा✍

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तेजवीर सिंह
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नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा जीविकोपार्जन हेतु अध्यापन कार्य।

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