🍀 शाकाहारी बनो…🌴

तेजवीर सिंह

रचनाकार- तेजवीर सिंह "तेज"

विधा- घनाक्षरी

🌴🌞 मनहरण घनाक्षरी 🌞🌴
🔧 शिल्प- 8887 लघु गुरु 🔧
💐🌹🌴🥀🌼🌺🌸🌴🌹💐

प्रकृति ने मानव को
रूप दिया *शाकाहारी*
*नख-दन्त अंतड़ी हैं*
*शाकाहारी* देखिए।

मार-मार जीव-जन्तु
मुरदे पकाते-खाते
जीभ के ही स्वाद हेतु
नर-नारी देखिए।

*मांसाहार करने से*
*तन होगा रोगी* फिर
*फैलेंगी अनेकानेक*
*महामारी* देखिए।

जीवन सभी को दिया
*जीवों पे भी करो दया*
नष्ट न हो जाय *तेज*
स्रष्टि सारी देखिए।

🌺🌼🌻🌺🌼🌻🌺🌼🌻🌺
🙏तेज 7/5/17✍

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तेजवीर सिंह
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नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा जीविकोपार्जन हेतु अध्यापन कार्य।

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