🌴🌳 जल संरक्षण 🌳🌴

तेजवीर सिंह

रचनाकार- तेजवीर सिंह "तेज"

विधा- कुण्डलिया

🌴🌳 जल संरक्षण 🌳🌴

जल-संकट है धरा पर,लो इसको पहचान।
जल का रक्षण सभी करें,तभी बचेगी जान।
तभी बचेगी जान,विकास हेतु जल-सीढ़ी।
गर ना मानो बात , लुप्त हो जाएँ पीढ़ी।।
करना होगा "तेज", इरादा तभी बचे थल ।
जल बिन जीवन नहीं,धरा का अमृत है जल।।

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🙏तेजवीर 'तेज'मथुरा

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तेजवीर सिंह
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नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा जीविकोपार्जन हेतु अध्यापन कार्य।

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