ढ़ोंगी बाबा

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- कुण्डलिया

दो कुंडलियां
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1
आशा सँग गुरमीत भी, काट रहा है जेल
बाबाओं का देखिये, कितना सुंदर मेल
कितना सुंदर मेल , बड़े दोनों अपराधी
मस्ती में ही उम्र , गुज़ारी अपनी आधी
पहुँच न आई काम, कोर्ट से मिली निराशा
गई हाथ से छूट , रिहाई की अब आशा
2
अब देखो खुलने लगी, बाबाओं की पोल
तन मन पर ओढ़े हुए , उतरे सारे खोल
उतरे सारे खोल, भयानक सच को देखा
मर्यादा की लाँघ, इन्होंने ली है रेखा
सुनो अर्चना बात, जानते हैं अब तो सब
बाबाओं पर गाज, गिरेगी ही भारी अब

डॉ अर्चना गुप्ता
03-09-2017

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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