ग़ज़ल

Pankaj Trivedi

रचनाकार- Pankaj Trivedi

विधा- गज़ल/गीतिका

कोई अपनों के रिश्तो में गैर होते हैं
कोई गैर होकर भी जो अपने होते है

रिश्तों के नाम से रिश्ता नहीं होता
कोई रिश्तों के बगैर ही साथ होते हैं

गज़ब है इन्सान के नाम ये जीवन
कभी जीवन में कोई बेजान होते हैं

पौधों से रिश्तों का बना यह पेड़ देखो
जड़ों में प्यार से रिश्ते सफल होते है

*
|| पंकज त्रिवेदी ||

Sponsored
Views 7
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Pankaj Trivedi
Posts 22
Total Views 54
संपादक : विश्वगाथा (हिन्दी साहित्य की अंतर्राष्ट्रीय त्रैमासिक मुद्रित पत्रिका) / लेखन- कविता, कहानी, लघुकथा, निबंध, रेखाचित्र, उपन्यास ।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia