ग़ज़ल

Deepesh Dwivedi

रचनाकार- Deepesh Dwivedi

विधा- गज़ल/गीतिका

वो कहते हैं हम तो ख़ुदा हो गए हैं
ख़ुदा जाने वो क्या से क्या हो गए हैं
कदमबोसी करते नज़र आते थे जो
वो लगता है अब आसमां हो गए हैं
न जाने हवाओं मे है शोर कैसा
कि परवत भी दहशतजदा हो गए हैं
ये दुनिया तो ऐसे ही चलती रहेगी
"चिराग़"आप क्यों ग़मज़दा हो गए हैं

Views 29
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Deepesh Dwivedi
Posts 14
Total Views 273
साहित्य,दर्शन एवं अध्यात्म मे विशेष रुचि। 30 वर्षो से राजभाषा कार्मिक। गृहपत्रिका एवं सामयीकियों मे कतिपय रचनाओं का प्रकाशन।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia