ग़ज़ल- आसरा मिल गया

आकाश महेशपुरी

रचनाकार- आकाश महेशपुरी

विधा- गज़ल/गीतिका

ग़ज़ल- आसरा मिल गया
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प्यार का है मुझे आसरा मिल गया
जिन्दगी को नया रास्ता मिल गया

है यही जिन्दगी साथ हो हमसफर
हमसफर मिल गया तो खुदा मिल गया

मौत भी थम गई साँस चलने लगी
आज तो जिन्दगी का पता मिल गया

हम हसीँ जुल्फ की छाँव मेँ आ गये
यार जैसे कि जीवन नया मिल गया

था कि सपना यही यार को देखते
पर यहाँ इश्क का फैसला मिल गया

प्यार कहते सभी आग की है नदी
एक ग़म का नया सिलसिला मिल गया

आज 'आकाश' का हमसफर तू हुआ
अब न ये पूछना तुम कि क्या मिल गया

– आकाश महेशपुरी

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आकाश महेशपुरी
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पूरा नाम- वकील कुशवाहा "आकाश महेशपुरी" जन्म- 20-04-1980 पेशा- शिक्षक रुचि- काव्य लेखन

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