हौसला

RASHMI SHUKLA

रचनाकार- RASHMI SHUKLA

विधा- लेख

बदलते वो हैं जो अपने मन में संभलने की चाह रखते हैं,
सपनों को हक़ीक़त बनाने के लिए अपनी नींदों को तबाह करते हैं,
यू तो सारे ही पाना चाहते है अपनी अपनी मंजिल को,
मगर सफल वो होते हैं जो रस्ते पे नही मंजिल पे निगाह रखते हैं,

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RASHMI SHUKLA
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mera majhab ek hai insan hu mai

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