” हो गये पल में पराये ” !!

Bhagwati prasad Vyas

रचनाकार- Bhagwati prasad Vyas " neerad "

विधा- गीत

नेह के धागे बन्धे थे ,
द्वार खुशियों से सजे थे !
बचपन की यादें सुहानी ,
अंखियों में वे रतजगे थे !
जाने कैसी घड़ी आयी –
बोल बागी नज़र आये !!

झनझना कर तार टूटे ,
रिश्ते लगे बेकार झूंठे !
टूट कर चाहा था जिनको ,
ले अहं का भाव रूठे !
महके महके ख़्वाब टूटे –
पलकों पे ना संवर पाये !!

जब कभी शीशा दरका ,
उसकी कोई ना सुनता !
दूसरा सजने को आतुर ,
जो टूटा , टूटा औ बिखरता !
वक़्त बांधे ना बंधे है –
बनते बिगड़ते अपने साये !!

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Bhagwati prasad Vyas
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एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

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