होली

सरस्वती कुमारी

रचनाकार- सरस्वती कुमारी

विधा- हाइकु

होली आई
खुशियाँ खूब लाई
मन को भाई।

गुलाल उड़े
नफरत मिटाये
गले लगाये।

होली की रात
होलिका जली आग
सत्य की जीत ।

कहीं ठंडाई
कहीं जमे हैं भांग
मस्ती की बात ।

पुआ व पुड़ी
दहीबड़ा, पकौड़ी
रंग जमाई।

बाजे हैं ढोल
संग -संग मजीरा
गाये है फाग।

होली के रंग
भाये पिया के संग
भरे उमंग ।

भींजे चुनर
बरस रहा रंग
बहके मन।

झूमती रति
देख-देख मदन
मनमगन।

खेले हैं होली
संग में हमजोली
होली रे होली ।

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सरस्वती कुमारी
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सरस्वती कुमारी (शिक्षिका )ईटानगर , पोस्ट -ईटानगर, जिला -पापुमपारे (अरूणाचल प्रदेश ),पिन -791111.

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