होली

Pritam Rathaur

रचनाकार- Pritam Rathaur

विधा- गज़ल/गीतिका

होली 🔥की आप सबको हार्दिक
बधाई एवं शुभकामनाएं
💐💐💐💐💐💐💐

गाल मेरे वो लाल करता है
रंग डाले गुलाल मलता है
🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀
देख के मुँह बिगड़ गया कैसे
आइना भी सवाल करता है
🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱
भांग की मस्तियाँ निराली है
देख भाभी को आह भरता है
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
खुसनुमां हर समां होता है
माह फागुन का मस्त लगता है
🏝🏝🏝🏝🏝🏝🏝
खिलखिलाता बसंत का मौसम
नूर ही नूर बस बरसता है
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
साथ साजन नही है जिसके
ख़ाब दिल में हजार जलता है
🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿
रात कटती नही अकेले फिर
मचलता दिल बवाल करता है
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
आँख दिन-रात राह तकती है
बेकरारी में दिन गुज़रता है
💐💐💐💐💐💐💐
छोड़ देता है साथ साया भी
दिल तनिक भी नही संभलता है
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
हाल पूछो न हिज़्र की "प्रीतम"
रात ढलती न दिन निकलता है

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Pritam Rathaur
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मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।

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