*****होली के रंग***** मंगल मिलन के संग**

Neeru Mohan

रचनाकार- Neeru Mohan

विधा- शेर

१.

होली त्यौहार है मंगल मिलन का
वैमस्य त्यज सुखद अनुभव का
मर्यादाशील प्रेम-प्रसंग का
त्यज सुरा, अमृत वचन का

२.

अबीर गुलाल लगाकर आज
चंदन का टीका सजाकर आज
मंगल मिलन मना कर आज
वैर, घृणा मिटाकर आज
होली सभी मना रहे हैं
होली मंगलमय हो
यही स्वर गुनगुना रहे हैं

३.

इंद्रधनुषी रंग हवा में उड़ रहे हैं
होली में दिलों के मैल धुल रहे हैं
वैमस्य त्यज गले सभी मिल रहे हैं
होली मंगलमय हो,
यही गीत फिज़ा में गूंज रहे हैं

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Neeru Mohan
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व्यवस्थापक- अस्तित्व जन्मतिथि- १-०८-१९७३ शिक्षा - एम ए - हिंदी एम ए - राजनीति शास्त्र बी एड - हिंदी , सामाजिक विज्ञान एम फिल - हिंदी साहित्य कार्य - शिक्षिका , लेखिका friends you can read my all poems on my blog (काव्य धारा) blogspot- myneerumohan.blogspot.com

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