!!~~होली के रंग~~पर हावी करो प्रेम का रंग~~!!

अजीत कुमार तलवार

रचनाकार- अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

विधा- कविता

ये रंग, जो कल
चढ़ जाएगा
होली के सग संग यह
भी धुल जाएगा

किसी पर लाल गुलाल
किसी पर केसरिया
किसी पर किसी का
किसी पर हरा और पीला

क्या कभी धुलता देखा
और मैल का रंग
जो चढ़ा है आज तक
मन के अंदर तक

गर वो धुल जाए
सारे पर्व ही
होने लगेंगे
सब से शानदार

होली का क्या आज आ रही
कल बस गुजर जायेगी
दिखा के अपने रंग,
बस पानी में मिल जायेगी

मन के मैल को हटाओ
सब से मिल कर प्रेम बढाओ
इस पर न चढ़ने दो कुछ और
मिलो प्रेम से सब से
इस प्रेम के रंग को फैला
दो सब ओर….

होली की शुभकामनाएं
आप सभी को बहुत बहुत

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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अजीत कुमार तलवार
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शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906

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