होली का पर्व

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- मुक्तक

(1)🌹🌹🌹🌹🌹🌹
होली का पर्व प्रेम का संदेशा लाता,
मौजमस्ती मनोरंजन से इसका नाता,
हँसी-खुशी गीत फगुआ का सब गाता,
ईर्ष्या, द्वेष भूल समानता को अपनाता।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹

(2)🌹🌹🌹🌹🌹
होली बढाती प्रेम का दायरा,
समाजिक बंदिशों को तोड़ता।
होली रंग-बिरंगा मस्ती भरा,
वर्ण-भेद भूला सब मिलते गला।
🌹🌹🌹🌹🌹

(3) 🌹🌹🌹🌹🌹
होली पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत,
कीचड़, गोबर एवं कुत्सित भावनाओं से
वातावरण बिगाड़ने की छोड़ दें आदत,
कुमकुम, हल्दी, केशर व फूलों से बने
हर्बल रंगो से होली का करे स्वागत।
🌹🌹🌹🌹🌹
—लक्ष्मी सिंह 💓😊

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लक्ष्मी सिंह
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