” है विकास में देर अभी ” !!

Bhagwati prasad Vyas

रचनाकार- Bhagwati prasad Vyas " neerad "

विधा- कविता

हरियाली सब और नहीं है ,
हरा भरा सब छोर नहीं है !
यहाँ प्रकृति जी भर देती ,
रूठा मौसम ठौर नहीं है !
बैलगाड़ी है ,बैलजोड़ी है –
खाते रूखा कोर अभी !!

जल संसाधन थोड़े थोड़े ,
हम तो सदा रहे निगोड़े !
भूमि उर्वर रही नहीं है ,
खर्च न्यून पाई पाई जोड़े !
अच्छी फसल दाम कम मिलते –
बिगड़ी फसल नुकसान तभी !!

पशुधन भी अब हाथ कहाँ ,
चारागाह ना बचे यहाँ !
राजनीति ने कुछ ना छोड़ा ,
नेताओं से सभी तवाँ !
भाग दौड़ है और परिश्रम –
किस्मत देती साथ कभी !!

Views 367
Sponsored
Author
Bhagwati prasad Vyas
Posts 49
Total Views 15.8k
एम काम एल एल बी! स्वतंत्र लेखन ! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी आदि पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! कवि सम्मेलनों में रचना पाठ ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत आदि साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद आदि साझा काव्य संग्रह शीघ्र प्रकाश्य !
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia