==* है बधाई ईद आई *==

SHASHIKANT SHANDILE

रचनाकार- SHASHIKANT SHANDILE

विधा- कविता

है बधाई है बधाई ईद आई ईद आई
है बधाई ईद आई

दिली बधाई है मेरे भाई
हिंदू मुस्लिम सिख इसाई
जश्न-ईद का साथ मनाये
जात धर्म सब छोड़ भाई

है बधाई है बधाई ईद आई

क्या लेकर आई ये दुनियाँ
धर्म जात किसने बनाई
यार पढ़ले एकबार तू गीता
क़ुरान मैंने दिल में बसाई

है बधाई है बधाई ईद आई

गुरुद्वारे में सजदा करू मैं
चर्च में बाईबल अपनाई
खून तो देखो एक जैसा है
रंग रंग में क्यू है बुराई

है बधाई है बधाई ईद आई

चंद मतलबी चाहे झुकाना
झुकी कभी ना है सच्चाई
अमन शांती के हम रखवाले
दुश्मनों की शामत है आई

है बधाई है बधाई ईद आई

नफरत की औकात क्या है
आज प्यार की रुत है आई
हम सब यारो मिल कर गाये
ईद आई ईद आई ईद आई

है बधाई है बधाई ईद आई ईद आई
है बधाई ईद आई
———————//**–
शशिकांत शांडिले (एकांत), नागपुर
भ्र.९९७५९९५४५०
दि.१३/०९/२०१६

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It's just my words, that's it.

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