हे गुरुवर तुम्हे प्रणाम

डी. के. निवातिया

रचनाकार- डी. के. निवातिया

विधा- कविता

हे गुरुवर तुम्हे प्रणाम

***

तुम हो प्रबुद्ध, मनीषी
शास्त्र, बोध के धोतक
तुम जग के शिल्पकार
हे गुरुवर तुम्हे प्रणाम !!

संचित कर बुद्धि विवेक से
जीवन करते आलोकित
शास्रोक्त, यथार्थ,अशिष्ट
मार्ग दिखा करते परोपकार
हे गुरुवर तुम्हे प्रणाम !!

मातृ-पितृ में वास तुम्हारा
देवो से उच्च स्थान तुम्हारा
शरण तुम्हारी जो है आता
कर जाता वो भव-सागर पार
हे गुरुवर तुम्हे प्रणाम !!

***
डी के निवातिया

***

मेरे जीवन में आने वाले उन सभी अग्रज व् अनुज भद्रजनो को महान शिक्षाविद डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिवस को समर्पित शिक्षक दिवस की ढेरो शुभकामनाये और कोटिश नमन करता हूँ जिनके माध्यम से मुझे सैदव जीवन मे कुछ न कुछ सीखने का अवसर मिला !!

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डी. के. निवातिया
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नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का ह्रदय से आभारी तथा प्रतिक्रियाओ का आकांक्षी । आप मुझ से जुड़ने एवं मेरे विचारो के लिए ट्वीटर हैंडल @nivatiya_dk पर फॉलो कर सकते है. मेल आई डी. dknivatiya@gmail.com

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