हूं मैं कहां…

Tanishka Chaudhary

रचनाकार- Tanishka Chaudhary

विधा- कविता

मैं रहती हूं,
पर हूं कहाँ।
मैं सहती हूँ,
पर हूं कहाँ।
मैं डरती हूं,
पर हूं कहाँ।
मैं मरती हूं,
पर हूं कहाँ।
मैं लड़की हूं,
मैं हूँ यहाँ। मेरी एक साँस से पहले,
मारी जाती हूँ।
कौन कहता है,
लड़का ही नाम करेगा। मैं हूँ एक इंसान,
पर क्यूं समझे शैतान,
क्या लड़का है भगवान।
फिर मैं हूँ कहाँ,
मैं भी तो हूं यहाँ।

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Tanishka Chaudhary
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मैं भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा (उत्तरप्रदेश) की रहने वाली हूँ एवं कक्षा 8 की छात्रा हूँ।मुझे कविताएं एवं काल्पनिक कहानियां लिखने का शौक है।

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