हिन्दी मेरी प्यारी

Bikash Baruah

रचनाकार- Bikash Baruah

विधा- कविता

सारे जहाँ से अच्छा
हिंदी और हिन्द हमारा,
हमें नाज है दोनो पर
आला भाषा है यह
और आला देश हमारा;
भाषा हिन्दी है ऐसी
जो सबको है समा लेती,
किसीको बैर नहीं इससे
हर प्रांत के निवासी
इसे आसानी से अपना लेती;
फिर क्यों न करुँ मैं
जयजयकार हिंदी की ,
भाषा है यह मेरी प्यारी
बने भाषा पुरी विश्व की !

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Bikash Baruah
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मैं एक अहिंदी भाषी हिंदी नवलेखक के रूप मे साहित्य साधना की कोशिश कर रहा हू और मेरी दो किताबें "प्रतिक्षा" और "किसके लिए यह कविता" प्रकाशित हो चुकी है ।

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