हिंदी

Santosh Khanna

रचनाकार- Santosh Khanna

विधा- कविता

सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं

हिंदी

हिंदी भारत माँ की बोली
माँ के दूध -सी मिश्री घोली
उसके सब हैं,वह है सबकी
जैसे रिश्ता दामन-चोली

हिंदी है हर मुख की शोभा
ह्रदय से हृदय का सेतु
वर्तमान की आँख का सपना
भावी आशाओ का केतु

महल,चौबारे या हो खोली
हिंदी भारत माँ की बोली

अपने से पहचान करती
अपनो को समीप ले आती
युग युग की पहचान है साथी
तेरी मेरी सब की थाती

नदियों में ज्यों गंगा धौली
हिंदी भारत माँ की बोली

राष्ट्र की माला का मोती
अंधकार में जलती ज्योति
संस्कृत-सुता,बहु-भगनी वह
एकता सुर के सुमन पिरोती

हर भाषा की चन्दन रौली
हिंदी भारत माँ की बोली

बने न यह विवाद की भाषा
यह तो है संवाद् की भाषा
क्रांति और सुधार की भाषा
भक्ति और प्यार की भाषा

देश देस की माँ मुँहबोली
हिंदी भारत माँ की बोली
उसके सब हैं वह है सब की
जैसा रिश्ता दामन चोली ।
( साक्षी काव्य संग्रह से )

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Santosh Khanna
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Poet, story,novel and drama writer Editor-in-Chief, 'Mahila Vidhi Bharati' a bilingual (Hindi -English)quarterly law journal

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