*****हास्य रस की गागर****

Neeru Mohan

रचनाकार- Neeru Mohan

विधा- कविता

*दिया है जीवन ईश्वर ने
संजोना है इसे
हास्य से भरकर गागर इसकी
जीना है इसे |

*जितनी छलकाओगे
उतना ही आनंद पाओगे
अपने जीवन के साथ-साथ
दूसरों के जीवन में भी
आनंद और उल्लास तुम भर पाओगे |

*ना होना उदास
अगर कोई कठिनाई आए जो
हास्य रस का आस्वाद चख लेना
अमृत सदा अपनी वाणी में
तुम पाओगे |

*कहते हैं
हौंसले मजबूत हो तो
उड़ान भी ऊंची होती है
हर उड़ान की मंजिल भी
निश्चित होती है
मंजिल भी निश्चित होती है |

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Neeru Mohan
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व्यवस्थापक- अस्तित्व जन्मतिथि- १-०८-१९७३ शिक्षा - एम ए - हिंदी एम ए - राजनीति शास्त्र बी एड - हिंदी , सामाजिक विज्ञान एम फिल - हिंदी साहित्य कार्य - शिक्षिका , लेखिका friends you can read my all poems on my blog (साहित्य सिंधु -गद्य / पद्य संग्रह) myneerumohan.blogspot.com Mail Id- neerumohan6@gmail.com mohanjitender22@gmail.com

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