हास्य -कविता (सफलता का मन्त्र )

डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज

रचनाकार- डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज

विधा- कविता

सफलता का मन्त्र
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हमेशा बौस के आस-पास ही मंडराते रहिए ,
रटन्त तोते की तरह बौस के गुण गाते रहिए ।
हर काम को अपने ही पास रखिए ,
काम न होने की ओवरलोडिंग वजह खास रखिए
किसी भी काम के लिए कभी मनाह मत कहिये ,
किसी काम को वास्तव में करने का गुनाह मत करिए ।
हर काम की हमेशा खूब फिक्र कीजिए ,
काम करो न करो परन्तु खूब जिक्र कीजिए ।
वातें बनाने और बौस के गुण गाने के शिवाय कुछ मत करिए ,
और सब पर रौब जमाइये केवल बौस से डरिये ।
जब भी बौस दीखे तेल खूब मलिए ,
हमेशा बौस के ही पीछे -पीछे जरूर चलिए ।
बौस की हाँ में हाँ और ना में ना खूब मिलाईए ,
मौका मिले तो बौस के घर खूब जाइये ।
बौस के बच्चों से हमेशा खूब मिले रहिए ,
बिना टेंशन के हमेशा खूब खिले रहिए ।
बौस से हमेशा गिड़गिड़ाते हुए फरियाद रखिए ,
सफलता का ये मन्त्र हमेशा याद रखिए ।
:- डाँ तेज स्वरूप भारद्वाज -:

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Assistant professor -:Shanti Niketan (B.Ed.,M.Ed.,BTC) College ,Tehra,Agra मैं बिशेषकर हास्य , व्यंग्य ,हास्य-व्यंग्य,आध्यात्म ,समसामयिक चुनौती भरी समस्याओं आदि पर कवितायें , गीत , गजल, दोहे लघु -कथा , कहानियाँ आदि लिखता हूँ ।

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