हाईकु-पंच

Rajendra jain

रचनाकार- Rajendra jain

विधा- हाइकु

आज के हमारे हाईकु देखिए कुछ इस तरह….

हाईकु-पंच

हम जो लिखे
नाम के लिए तब
क्षणिक सुख

हम क्यो लिखें
कुछ दाम के लिए
कुटिल सुख

हम क्या लिखे
शुभ नाम के लिए
सहज सुख

यदि ना लिखें
झूँठी शान के लिए
अलग सुख

हम तो लिखें
स्वपर हित साध
अपूर्व सुख

राजेन्द्र'अनेकांत'
बालाघाट दि.२८-०१-१७

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Rajendra jain
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प्रकृति, पर्यावरण, जीव दया, सामाजिक चेतना,खेती और कृषक की व्यथा आदि विषयों पर दोहा, कुंडलिया,चोपाई,हाईकु आदि छंद बद्ध तथा छंद मुक्त रचना धर्मिता मे किंचित सहभागिता.....

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