हाइकु

दिनेश एल०

रचनाकार- दिनेश एल० "जैहिंद"

विधा- हाइकु

मेरे सात हाइकु

( १ )
मानसिकता
दर्शाती उदारता
हुआ विकास !

( २ )
नीच विचार
दिखाता संकीर्णता
रूका विस्तार !

( ३ )
परिवर्तन
है विधि का विधान
नारी उत्थान !

( ४ )
आज की नारी
बदली है तेवर
छुटे जेवर !

( ५ )
बनो स्वछन्द
बहुत है आनंद
जैसे विहग !

( ६ )
मिला है मान
पुरूषों के समान
ऊँची उड़ान !

( ७ )
जहाँ धरा पर
दिखते चाँद चार
हँसती नार !

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दिने एल० "जैहिंद"
22. 03. 2017

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दिनेश एल०
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मैं (दिनेश एल० "जैहिंद") ग्राम- जैथर, डाक - मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ | मेरी शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में हुई है | विद्यार्थी-जीवन से ही साहित्य में रूचि होने के कारण आगे चलकर साहित्य-लेखन काे अपने जीवन का अंग बना लिया और निरंतर कुछ न कुछ लिखते रहने की एक आदत-सी बन गई | फिर इस तरह से लेखन का एक लम्बा कारवाँ गुजर चुका है | लगभग १० वर्षों तक बतौर गीतकार फिल्मों मे भी संघर्ष कर चुका,,

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