हाइकु : जलूं न कैसे

Anju Gupta

रचनाकार- Anju Gupta

विधा- हाइकु

आड़ी – तिरछी
किस्मत की लकीरें
समझूं कैसे !!

मुठ्ठी में बन्द
भविष्य है अपना
बदलूं कैसे !!

बादशाह हो
तक़दीर के तुम
पाओ खुशियाँ !!

बन बैठे हो
किसी और के तुम
जलूं न कैसे !!

अंजु गुप्ता

Views 2
Sponsored
Author
Anju Gupta
Posts 19
Total Views 76
Am a management professional with 20 years of rich experience. Working as a softskill Trainer Writing is my passion.
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia