**** हाँ बड़े जज़्बाती हैं हम ****

भूरचन्द जयपाल

रचनाकार- भूरचन्द जयपाल

विधा- गीत

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हां बडे जज़्बाती हैं हम
क्योंकि भारतवासी है हम
ईद मनाया होली मनाई और गये सब भूल हां बडे जज्बाती हैं हम
क्योंकि भारतवासी है हम
हिन्द देश का प्यारा झंडा
ऊंचा रहे सदा गाते है हम
मनाया स्वतन्त्रता दिवस
और मनाकर भूल गए हम
हां बडे जज़्बाती हैं हम
क्योंकि भारतवासी हैं हम
रोज यहां होते त्योंहार
रखे तो कैसे हम याद
इक जाता दूजा आ जाता
कैसे ना भूलें हम
हां बडे जज़्बाती है हम
क्योंकि भारतवासी हैं हम ।।
👍मधुप बैरागी

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भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

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