हाँ तुम! बस तुम!

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

रचनाकार- लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

विधा- कविता

झरनों के संगीत में हो तुम
नदियों के हर गीत में हो तुम
सूरज की चाहत में पागल
सूरजमुखी की प्रीत में हो तुम
हाँ तुम! बस तुम!

मेरी सुबहो- शाम में हो तुम
मेरे हर एक काम में हो तुम
मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे
ईश्वर, अल्ला, राम में हो तुम
हाँ तुम! बस तुम !

जीने के हर ढंग में हो तुम
खुशियों के हर रंग में हो तुम
हार में हो, हर जीत में हो
मेरी हर इक जंग में हो तुम
हाँ तुम ! बस तुम !

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 146
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
Posts 48
Total Views 6.8k
मध्यप्रदेश में सहायक संचालक के पद पर कार्यरत...आई आई टी रुड़की से पी एच डी की उपाधि प्राप्त...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia