हसरते दिल की(गज़ल)

Mandeep Kumar

रचनाकार- Mandeep Kumar

विधा- गज़ल/गीतिका

हसरते दिल की/मंदीप

हर किसी की मुस्कुराहट सच्ची होती नही,
बिना दर्द के कभी आँखे रोति नही।

अगर दिल ना धड़के किसी के लिए,
वो दिल कभी एक होते नही।

देखे जो बंद आँखो से सपने,
वो सपने कभी सच्च होते नही।

जो करे नीचा गिराने की साजिस,
वो कभी हमारे अपने होते नही।

रखे जो आदर मान सब का,
उस की इज्ज़त कभी कम होती नही।

हो दिल अगर खूबसूरत किसी का,
उस से ज्यादा अमीर कोई होता नही।

ना कर "मंदीप" सच्चा प्यार उस से,
यहाँ सच्चे प्यार की कदर होती नही।

मंदीपसाई

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Mandeep Kumar
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नाम-मंदीप कुमार जन्म-10/2/1993 रूचि-लिखने और पढ़ाने में रूचि है। sirmandeepkumarsingh@gmail.com Twitter-@sirmandeepkuma2 हर बार अच्छा लिखने की कोशिस करता हूँ। और रही बात हम तो अपना दर्द लिखते है।मेरा समदिल मेरे से खुश है तो मेरी रचना उस के दिल का बखान करेगी।और जब वो रूठता है तो मै मेरे दिल का बखान करूँगा।हा पर बहुत अच्छा है वो और मेरे दिल में उस के लिए खास ही जगह है ।जहाँ तक कोई पहुँच भी नही पायेगा। मेरा दिल जरूर दुःखता है पर मेरा दिल उसे बार बार माफ़ कर देता है।

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