हर सफर में मुस्कुराना चाहिए

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

रचनाकार- लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

विधा- गज़ल/गीतिका

फ़ासलें दिल के मिटाना चाहिए
फूल होठों पर खिलाना चाहिए

हर दुआ होगी तेरी पूरी मगर
सर इबादत में झुकाना चाहिए

ग़म मिले हमको या मिल जाये ख़ुशी
हर सफर में मुस्कुराना चाहिए

क्या हुआ त्यौहार कोई है नहीं
घर पड़ोसी को बुलाना चाहिए

शर्म से सर ना झुके जब दोस्त हों
दुश्मनी को यूँ निभाना चाहिए

बेटियां भी घर की होती शान हैं
बेटियों को भी पढ़ाना चाहिए

कुछ यहाँ पर देख नामुमकिन नहीं
आग पानी में लगाना चाहिए

गर दिलों में नफ़रतें ही हैं भरी
इक नई दुनिया बसाना चाहिए

थी नहीं चिंता न कोई थी फ़िकर
फिर अदिति बचपन सजाना चाहिए

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

Views 129
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
Posts 66
Total Views 9.8k
मध्यप्रदेश में सहायक संचालक...आई आई टी रुड़की से पी एच डी...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia