हरिगीतिका छन्द

आकाश महेशपुरी

रचनाकार- आकाश महेशपुरी

विधा- अन्य

हरिगीतिका छन्द
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बलवान है सुनिए वही जो, सोच का धनवान हो।
जिसको झुका दुनिया न पाये, फर्ज की पहचान हो।
वो धैर्य भी अपना न खोये, जो कभी अपमान हो।
कुछ शान मेँ इतरा न जाये, या कभी सम्मान हो।

– आकाश महेशपुरी

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आकाश महेशपुरी
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पूरा नाम- वकील कुशवाहा "आकाश महेशपुरी" जन्म- 20-04-1980 पेशा- शिक्षक रुचि- काव्य लेखन पता- ग्राम- महेशपुर, पोस्ट- कुबेरस्थान, जनपद- कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)

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