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Shri Bhagwan Bawwa

रचनाकार- Shri Bhagwan Bawwa

विधा- गज़ल/गीतिका

हमारे जैसा ही होना चाहकर भी, जब हो नही पाते हैं ।
हमारे काम करने के अन्दाज़ से वो लोग जल जाते हैं !
हम तो हमेशा उन ही को गले लगाने की कोशिश करते हैं,
जो हमें परवाना बना कर,खुद शमां बन हमें जलाना चाहते हैं ।

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Shri Bhagwan Bawwa
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