हम सबको ही है पता, चुभ जाते हैं शूल

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- कुण्डलिया

हम सबको ही है पता, चुभ जाते हैं शूल
लेकिन अक्सर घाव भी,दे जाते हैं फूल
दे जाते हैं फूल, महक के धोखे में गम
दिल को लगती चोट,नहीं कर पाते कुछ हम
तभी अर्चना आँख, खोलकर चलना हमको
खुशबू से पहचान, नहीं सकते हम सबको

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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