हमें जब अलविदा तुमने कहा है

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

हमें जब अलविदा तुमने कहा है
न जीने को हमारे कुछ बचा है

डरेंगे हम नहीं इन आँधियों से
भले ही हाथ में जलता दिया है

बनाया इश्क को कैसा खुदा ने
सितम ही आज तक इसने सहा है

बड़े हम पर लगें इल्जाम कितने
डिगी लेकिन नहीं अपनी वफ़ा है

कटेंगे पाप कैसे तीर्थ से भी
अगर माँ बाप से रहता जुदा है

हवाले मौत के करती सभी को
हमेशा ज़िन्दगी ने ही छला है

दुआयें 'अर्चना' सब माँगते हैं
सितारा जब गगन से टूटता है

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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3 comments
  1. “जलाना दिल पड़ा हमको यहाँ पर
    उजाला अर्चना तब ही हुआ है|”

    वाह!!!