हमें अब भी हमारा प्यार पहला याद आता है

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

हमें अब भी हमारा प्यार पहला याद आता है
गली के सामने तेरा गुजरना याद आता है

उढ़ाती रात को जब श्वेत चादर चाँदनी देखो
हमें मिलने तेरा चुपके से आना याद आता है

घिरी काली घटायें आज तक भी जब बरसती है
हमें उनमें हमारा भीग जाना याद आता है

लिखा तू क्यों नहीं है हाथ की मेरी लकीरों में
तेरा ये पूछना फिर खूब रोना याद आता है

न फुर्सत'अर्चना'हमको रही इतनी मगर अब भी
समय वो चाँद तारों सँग बिताना याद आता है
डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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