हमारी हिंदी

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- कुण्डलिया

तीन कुण्डलिया
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1
हिंदी अपने हिन्द के ,स्वाभिमान का हार
इसकी रक्षा को रहें , हम हरदम तैयार
हम हरदम तैयार , राष्ट्र की ये हो भाषा
करनी हमको पूर्ण, हमारी ये अभिलाषा
अगर अर्चना भाल, सजे ये जैसे बिंदी
तभी विश्व पर राज, करेगी अपनी हिंदी
2
हिंदी भाषा से करें , आओ हम सब प्यार
हो सारे संसार में , इसकी जय जयकार
इसकी जय जयकार , सिर्फ हिंदी ही बोलें
अपने मन के द्वार, मान में इसके खोलें
चलो अर्चना दीप , जलायें इस आशा से
हो अपनी पहचान ,यहाँ हिंदी भाषा से
3
अब हिंदी को चाहिए, अपने सब अधिकार
सहना इसको है नहीं, सौतेला व्यवहार
सौतेला व्यवहार , मिले जब अपने घर में
कैसे फिर सम्मान, मिलेगा दुनिया भर में
कसम अर्चना आज, उठायें आओ हम सब
देंगे दिल से प्यार ,सभी जन हिंदी को अब
डॉ अर्चना

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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