हमें धोखा हुआ तितली के पर का……..

SUDESH KUMAR MEHAR

रचनाकार- SUDESH KUMAR MEHAR

विधा- गज़ल/गीतिका

लड़कपन की हसीं दिलकश डगर का।
हमारा प्यार था पहली नज़र का ।।

सबब वो शाम का वो ही सहर का।
भरोसा क्या करें ऐसी नज़र का।।

सिवा मेरे दिखे हैं ऐब सबके।
बड़ा धोखा रहा मेरी नज़र का।।

तुम्हारी खुशबुएँ रख दीं हवा पर
पता लिख्खा नहीं तेरे शहर का।

फड़कती थीं उनीदीं सी वो पलकें,
हमें धोखा हुआ तितली के पर का।।

…..सुदेश कुमार मेहर

Views 50
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
SUDESH KUMAR MEHAR
Posts 14
Total Views 364
ग़ज़ल, गीत, नज़्म, दोहे, कविता, कहानी, लेख,गीतिका लेखन. प्रकाशन‌‌--१. भूल ज़ाना तुझे आसान तो नही २--- सुनिक्षा [ग़ज़ल संग्रह ] 3---use keh to doo'n(Ghazal Sangrah)

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
3 comments