वफा का नाम सुनकर भी हमारा खून जलता है

सागर यादव 'जख्मी'

रचनाकार- सागर यादव 'जख्मी'

विधा- मुक्तक

कभी पंजाब जलता है कभी रंगून जलता है

सियासी आग मेँ देखो ये देह्रादून जलता है

मेरे दर से चले जाओ मुहब्बत बाँटने वालोँ

वफा का नाम सुनकर भी हमारा खून जलता है

Sponsored
Views 15
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
सागर यादव 'जख्मी'
Posts 46
Total Views 478
नाम- सागर यादव 'जख्मी' जन्म- 15 अगस्त जन्म स्थान- नरायनपुर पिता का नाम-राम आसरे माता का नाम - ब्रह्मदेवी कार्यक्षेत्र- अध्यापन माँ सरस्वती इंग्लिश एकाडमी ,सरौली,जौनपुर ,उत्तर प्रदेश. प्रकाशन -अमर उजाला ,दैनिक जागरण ,रचनाकार,हिन्दी साहित्य ,स्वर्गविभा,प्रकृतिमेल ,पब्लिक इमोशन बिजनौर ,साहित्यपीडिया और देश -विदेश की बहुत सी पत्र -पत्रिकाओँ मेँ रचनाएँ प्रकाशित. स्थायी पता- नरायनपुर,नेवादा मुखलिसपुर ,बदलापुर ,जौनपुर उत्तर प्रदेश ,भारत . पिन -222125 ईमेल-sagar9565@gmail.com मो.9519473238,8528829538

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia