हमारा आज ही देखो हमारा कल सजाता है

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गीत

हमारा आज ही देखो हमारा कल सजाता है
न वापस लौट कर बीता हुआ यह वक़्त आता है

मिलाता छीनता हमसे हमारे वक़्त अपने हैं
कभी इसने किये पूरे कभी तोड़े भी सपने हैं
सभी गुजरे पलों को कल के सीने में छिपाता है
हमारा आज ही देखो हमारा कल सजाता है

न बीते कल की तुम सोचो न आने वाले कल की ही
ख़ुशी तो तुम मना लो बस यहाँ प्रत्येक पल की ही
जियो बस आज में ही ये बदल फिर कल में जाता है
हमारा आज ही देखो हमारा कल सजाता है

रहे कल में अगर डूबे न होगा आज हाथो में
बिताओ वक़्त को अपने नहीं बेकार बातों में
समय हमको जिताता गर यही हमको हराता है
हमारा आज ही देखो हमारा कल सजाता है

डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद(उ प्र)

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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7 comments
  1. बहुतबहुत ग्यान पूर्ण शिक्षा आपकी विद्वता को कोटिकोटि नमन ऐसी शिक्षाप्रद बातें काव्य के द्वारा बताते रहें ह

  2. वाह ~! बहुत सुंदर गीत हुआ है. बहुत बधाई आदरणीया डॉ. अर्चना गुप्ता जी. सादर.