*हंसते रहो हंसाते रहो,गीत ख़ुशी के गाते रहो *

Neelam Ji

रचनाकार- Neelam Ji

विधा- गीत

हंसते रहो हंसाते रहो …
गीत ख़ुशी के गाते रहो …

सुख दुःख आने जाने हैं ।
जीने के ये बहाने हैं ।।
हर गम हार जाएगा ।
ख़ुशी से तू जो गाएगा ।।
हंसते रहो हंसाते रहो ।
गीत ख़ुशी के गाते रहो ।।

दर्द के बदले प्यार दो ।
खुशियाँ दर्द पर वार दो ।।
दुश्मन भी दिल हार जाएगा ।
ऐसा कोई जो मिल जाएगा ।।
हंसते रहो हंसाते रहो ।
गीत ख़ुशी के गाते रहो ।।

जीवन दो दिन का मेला है ।
मेले में सुख दुःख का ठेला है ।।
मिलता है बहुत कुछ ले लो तुम ।
हर गम को ख़ुशी से झेलो तुम ।।
हंसते रहो हंसाते रहो ।
गीत ख़ुशी के गाते रहो ।।

जीवन बड़ा ही छोटा है ।
फिर अफ़सोस होता है ।।
समय निकल जब जाएगा ।
हाथ नहीं कुछ आएगा ।।
हंसते रहो हंसाते रहो ।
गीत ख़ुशी के गाते रहो ।।

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Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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