” हँसते हँसते , कट गया दिन ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

रचनाकार- भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

विधा- गीत

बिछ गयी चादर ,
दरिया किनारे !
होंसलों को देख ,
विहँसे नज़ारे !
चिंतन , मनन ,
विस्मरण हुआ !
अनछुए पहलुओं को ,
हमने छुआ !
एकांत में सरस –
लगे पल छिन !!

मिट गयी थकन ,
विश्राम करते !
फिर नया संबल ,
पा के हरषे !
जतन , कथन ,
अभिनंदन हुआ !
कसमसाते बंधनों में ,
कसकी हया !
नेह की बजी बंसी –
श्वासों की धुन !!

मुस्कराती धरा ,
आसमां लुटता !
प्रेम की गुंजन ,
मन थिरकता !
मगन , ठगन ,
आलिंगन हुआ !
धड़कते दिलों में ,
बहका जिया !
मुस्कानें अधर बसी –
ऐसे किये जतन !!

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भगवती प्रसाद व्यास
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एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

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