स्वतंत्रता दिवस

Manjusha Srivastava

रचनाकार- Manjusha Srivastava

विधा- गीत

स्वतंत्रता दिवस है आज मिल के गायेंगे
उत्सव मनाएँगे यहाँ उत्सव मनाएँगे |

छोड़ेगे झूठे रास्ते छोड़ेगे झूठी शान,
बदलेगे भाग्य देश का ऊँचा रखेंगे मान,
हम स्वर्ग से भी देश को सुंदर बनाएँगे |
उत्सव मनाएँगे …………………………………

हिंदू हो मुसलमान हो या सिख हो ईसाई ,
हो जैन बौध या हो पारसी कोई भाई,
सब एक हैं सब एक है सब मिल के गाएंगे |
उत्सव मनाएँगे ……………………………………

छोड़ेगे नही सत्य अहिंसा का रास्ता ,
बापू तेरी कसम हमे तेरा है वास्ता ,
है हौसला दिलों में राम राज्य लाएँगे |
उत्सव मनाएँगे ………………………………………

गीता ,पुरान ,उपनिशद में है विराट ग्यान ,
युग युग की धरोहर है वेद इसके हैं महान ,
संसार में हम ग्यान की गंगा बहाएँगे |
उत्सव मनाएँगे ………………………………………

स्वतंत्रता दिवस ……………………………………
उत्सव मनाएँगे ………………………………………
मंजूषा श्रीवास्तव
(मौलिक रचना )

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