सौगातें …

sushil sarna

रचनाकार- sushil sarna

विधा- मुक्तक

सौगातें …

सावन की रातें हैं सावन की बातें हैं l
…सावन में भीगी सी चंद मुलाकातें हैं l
……इक दूजे में सिमटे वो भीगे से लम्हे ,
………साँसों की साँसों को भीगी सौगातें हैं ll

सुशील सरना

Sponsored
Views 20
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
sushil sarna
Posts 60
Total Views 441
I,sushil sarna, resident of Jaipur , I am very simple,emotional,transparent and of-course poetry loving person. Passion of poetry., Hamsafar, Paavni,Akshron ke ot se, Shubhastu are my/joint poetry books.Poetry is my passionrn

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia