सृजन

Deepesh Dwivedi

रचनाकार- Deepesh Dwivedi

विधा- मुक्तक

जब सतरंगी सपना कोई,अक्सर मन को छल जाता है;
जब शहनाई के मधुर स्वरों में कोई मुझे बुलाता है;
जब दर्द पराया,अपना बन,अन्तर्मन को मथ देता है,
तब जन्म ग़ज़ल का होता है,या गीत कोई जग जाता है।

Sponsored
Views 25
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Deepesh Dwivedi
Posts 14
Total Views 225
साहित्य,दर्शन एवं अध्यात्म मे विशेष रुचि। 30 वर्षो से राजभाषा कार्मिक। गृहपत्रिका एवं सामयीकियों मे कतिपय रचनाओं का प्रकाशन।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia