*सुप्रभात*

Ritu Asooja

रचनाकार- Ritu Asooja

विधा- कविता

*सुप्रभात **
********
💐वन्दन परमात्मा ,💐
एक और नयी सुबह
नयी-नयी अभिलाषाएं
नव निर्माण को एक और क़दम
नयी पीढ़ी की नयी सोच संग ,
नव सपनों को सच करने की
नयी तरंग ,नया ढँग है ,नयी उमंग
नये इरादे, नयी सीढ़ियाँ ,
नयी दुनियाँ की ,नयी इबारत लिखने को
नयी पीढ़ी के नये क़दम
इस नयी पीढ़ी को ,
नव नूतन समाज की,
बुनियाद रखने को दो
परमात्मा तुम अपने आशीर्वाद
का संग, जीवन की सरगम
फले-फूले नव -नूतन समाज
चाहे नया रूप हो,नया-नया ढँग
सज्जनता संग , प्रग्रति के पथ पर
अग्रसर उन्नति की ऊंचाइयाँ ,छुये
मेरे देश का जन-जन ,
समृद्धि से परिपूर्ण हो मेरे देश
का कण-कण ।

Sponsored
Views 30
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Ritu Asooja
Posts 26
Total Views 893
जिस तरह समुंदर में लहरों का आना जाना लगा रहता है, इसी तरह मन मन्दिर भी विचारों का आना जाना जाना लगा रहता है , अपने विचारों को सही दिशा देकर परमात्मा की प्रेरणा से कुछ मनोरंजक, प्रेरणादायक लिखने की कोशिश करते रहतीहूँ जिससे मेरा और समाज का सही मार्गदर्शन होता रहे। "जीते तो सभी हैं,पर मनुष्य जीवन वह सफल है ,जो किसी के काम आ सके "💐💐💐💐💐

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia