सुनो

डी. के. निवातिया

रचनाकार- डी. के. निवातिया

विधा- शेर

सुनो, कुछ नही है तो यादो में आते क्यों हो
पल – पल ख्यालो में आकर सताते क्यों हो
न किस्मत अपनी, न जिगर तुममे इतना
फिर सपने दीद के दिल में सजाते क्यों हो !!
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@—डी. के निवातिया –@

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डी. के. निवातिया
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नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का ह्रदय से आभारी तथा प्रतिक्रियाओ का आकांक्षी । आप मुझ से जुड़ने एवं मेरे विचारो के लिए ट्वीटर हैंडल @nivatiya_dk पर फॉलो कर सकते है. मेल आई डी. dknivatiya@gmail.com

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