सुनो सुनो विनती माँ मेरी

कवि कृष्णा बेदर्दी

रचनाकार- कवि कृष्णा बेदर्दी

विधा- गीत

सुनो सुनो विनती माँ मेरी, सुनो सुनो विनती माँ मेरी।
मुझको पास बुला लो माँ, गले से अपने लगा लो माँ।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी….२
झर-झर बहते आँख से आंसू, रोता है मन मेरा।
सारे जग को ठुकरा कर माँ, द्धार हैं ढूढ़ा तेरा।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी….२
तेरे आँचल में हैं मैया, तीन लोक की माया,
सृष्टि के हर जीव है तुझसे, सो पाया ।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी…..२
मेरे जीवन में गम है माँ, दिल में दर्द भरा है,
कोई ना समझा माँ मुझको, शरण तेरे तब आया।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी…..२
सुख-दुःख तेरे हाथो में, कर दे उजाला रातो में,
मेरी नयना तरस रही माँ, ममता तो बरसा दे माँ।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी……२
शक्ति-कर्म और धीरज मन का, तुझसे है सब लेना,
खाली झोली तड़प रही है, डाल ना मुझको देना।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी…..२
मुझको तू ठुकराना ना, भटके को भटकाना ना,
तेरे शरण में आया मैया, दूर हमे ना करना माँ ।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी…..२
दिल से यादे उसकी मिटा दे, मुझको तू अपना बना ले,
तड़पा हूँ माँ प्यार बिना, अब तू माँ का प्यार दे दे।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी……२
तेरे खजाने में जगजननी, अष्ट सिद्धि नव माया,
तेरे दर देव भी आके, जो माँगा सो पाया ।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी…..२
श्रीधर ध्यानु तेरे दर पर, आकर दर्शन पाया,
मैं भी खड़ा हूँ दर तेरे, दुःख सन्ताप तू हर मेरे।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी….२
आँखों से आशू सुख गए माँ, जीवन फूल मुरझा गए माँ,
दर्शन देके मुझको मैया, अपनी गोदी उठा लो ।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी….२
हर तरफ से गम ही पाया, दिल में जख्म हैं मेरे,
सीने से अब लगा लो मैया, जख्म मरहम लगा,
तड़पा हूँ माँ प्यार बिना, अब माँ का प्यार तुम दे दो ।
सुनो सुनो विनती माँ मेरी…..२

Sponsored
Views 2
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
कवि कृष्णा बेदर्दी
Posts 69
Total Views 164
कवि कृष्णा बेदर्दी ( डाक्टर) जन्मतिथि-०७/०७/१९८८ जन्मस्थान- मधुराई (तमिलनाडु) शिक्षा मैट्रिक -विलेपार्ले(मुम्बई) शिक्षा मेडिकल - B.A.M.S.(लन्दन) प्रकाशित पुस्तक- हिन्दी_हमराही,अनुभूति,महक मुसाफिर, तेलुगु, हिन्दी-तेलुगू फिल्मों में गीतकार शौक_ डांस,अभिनय,गिटार,लेखन, नम्बर- +918319898597 Email I'd kavibedardi@gmail.com, Facebook link https://m.facebook.com/Bedardi? Twitter_@kavibedardi

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia