सुना हूँ बेवफा है

Ravi Kumar Saini

रचनाकार- Ravi Kumar Saini

विधा- गज़ल/गीतिका

मेरे शहर की हर. हसीना, सुना हूँ वेवफ़ा है
आ गया झांसे में मैं भी ये हुआ पहली दफ़ा है

सितम उनका तो मेरे ही शहर पे आजकल हैं
प्यार में देखा .नहीं जो मैंने वैसा जफा है

हो मुहब्बत भी. किसी को तो हमें भी बता दे
देखना है की हुआ उसको कितना नफा है

कौन है नापाक हुआ प्यार करके बता दो
उन्हे भी तो खोजना है प्यार बिं जो सफा है

है नहीं अच्छी हवा मेरे शहर की भी शायद
प्यार मेरा जाने किस बात से हुआ खफा है

जिधर देखा उधर टूटे दिलवाले मिले है हमे
हमें भी बताओ हुई कितनों के साथ वफ़ा है

इश्क में यूँ रोज लफड़ा लेना ठीक नहीं रवि
पूछने पर कहते हो कि मामला रफा दफा है

#__रवि_कुमार_सैनी

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